स्कूल में राष्ट्रगीत गायन के दौरान मुस्लिम छात्रों द्वारा लगायें गये ‘अल्लाहु अकबर’ के साथ साथ अन्य इस्लामी नारे ! विरोध जताने पर हिंदू छात्र की पिटाई ! स्कूल के प्रधानाध्यापक, पुलिस प्रशासन लापरवाह !

Taldi-Arup haldar - Copyस्कूल में प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगीत ‘जन गण मन’ गाया जा रहा था ‍। उस वक़्त बारहवीं कक्षा के 10-12 छात्र राष्ट्रगीत न गाकर ‘अल्लाहु अकबर’ के साथ साथ अन्य इस्लामी नारे लगा रहे थे। उन्हें ऐसा करते देख एक हिंदू छात्र ने विरोध जताया। नतीजतन उन मुस्लिम छात्रों ने मिलकर उस हिंदू छात्रों की बेधड़क पिटाई कर दी जिसकी वजह से उसकी नाक से खून बहने लगा। यहां तक कि उसके सीने में भी गंभीर चोट पहुंची जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।

यह घटना दक्षिण 24 परगना (पर.बंगाल) जिले के कैनिंग थानांतर्गत तालदी मोहनचंद्र उच्च विद्यालय में घटी।
स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि पिछले 18 जुलाई को स्कूल में प्रार्थना के वक़्त नौवीं कक्षा के समीप बारहवीं कक्षा के कुछ मुस्लिम छात्र आकर क़तार में खड़े हो गए। निर्धारित समय पर राष्ट्रगीत गायन शुरू हुआ। परंतु राष्ट्रगीत गाने की बजाय उन मुस्लिम छात्रों ने ‘अल्लाहु अकबर’ के साथ साथ एकाधिक इस्लामी नारे लगाना शुरू कर दिया। उन्हें ऐसा करते देख नौवीं कक्षा के अरूप हालदार नामक एक हिंदू छात्र ने एतराज जताया, जिससे आपा खोकर सफ़ीकुल गाजी व आसादुल्लाह गाजी की अगुवाई में बारहवीं के मुस्लिम छात्रों ने उसकी बेधड़क पिटाई कर दी। अरूप हालदार की नाक फटकर ख़ून बहने लगा,सर व सीने पर भी गंभीर चोटें पहुंची।खबर मिलने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक व अन्य शिक्षक वहां भागे आये और फ़ौरन अरूप को कैनिंग अस्पताल ले गया, जहां से इलाज के बाद उसे छोड़ दिया गया।इसी दरम्यान वहां पुलिस भी पहुंची। लेकिन अचरज की बात तो यह है कि प्रधानाध्यापक संजय नस्कर अरूप के अभिभावकों पर मामले को आपस में निपटा लेने के लिए दवाब डालने लगा पर उनके राजी न होने पर पुलिस ने एक मुस्लिम छात्र को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई।साथ ही पुलिस अस्पताल से अरूप को भी थाने ले आई।
बहरहाल किसी अज्ञात कारणवश उसी रात को ही हिरासत में लिए गए छात्र सफ़ीकुल गाजी को थाने से छोड़ दिया गया। दूसरी ओर थाने में ही अरूप के हालत बिगड़ने पर उसे फिर से कैनिंग अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां आज भी उसका इलाज चल रहा है।
ग़ौरतलब है कि इस घटना में प्रधानाध्यापक संजय नस्कर की भूमिका वाक़ई संतोषजनक नहीं रही। मुस्लिम छात्रों के अपराध को नजरंदाज करते हुए उन्होंने उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की।
पिछले नवंबर महीने में भी स्कूल के निकट स्थित गाजीपाड़ा मोहल्ले के मुस्लिम छात्रों ने रबि हालदार नामक हिंदू छात्र से बेधड़क मारपीट की थी। किंतु प्रधानाध्यापक महोदय के कार्रवाई न करने पर आक्रोशित हिंदू छात्रों ने स्कूल में तोड़फोड़़ भी की थी। उक्त घटना के उपरांत प्रधानाध्यापक की साज़िश के चलते रबि हालदार को आजतक माध्यमिक की परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
हिंदू संहति के स्थानीय प्रतिनिधि ने उक्त स्कूल की विभिन्न कक्षाओं के छात्रों से बातचीत कर प्रधानाध्यापक के खिलाफ हिंदू छात्रों के आक्रोश का जायजा लिया। हिंदू छात्रों ने प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई और उनकी बदली की मांग की। इसके अतिरिक्त दोषी मुस्लिम छात्रों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की मांग भी की गई।

हिंदू संहति की ओर से हावड़ा के काली मंदिर को लाउडस्पीकर का दान

हावड़ा जिले के बागनान थानांतर्गत मुर्गाबेड़िया गांव स्थित काली मंदिर को एक बहुत ही जाग्रत मंदिर माना जाता है। वहां के स्थानीय गांववासियों ने उक्त मंदिर में पूजा-अर्चना के सुविधार्थ हिंदू संहति के स्थानीय कार्यकर्ताओं से एक लाउडस्पीकर सेट मुहैया कराने का निवेदन किया था।

लिहाज़ा हिंदू संहति की ओर से उक्त मंदिर को एक लाउडस्पीकर सेट भेंट किया गया। उस वक़्त मंदिर प्रांगण में गांव वाले उपस्थित थे। स्थानीय गांववालों के अतिरिक्त हिंदू संहति की ओर से संस्था के सहायक सचिव श्री मुकुंद कोले तथा बागनान थाना इलाके के प्रमुख कार्यकर्ता भी उक्त कार्यक्रम में उपस्थित थे।इस कार्यक्रम में तपन देशप्रेमी नामक एक सदय समर्थक ने काफी सहयोग दिया ‌।
लाउडस्पीकर सेट मिलने पर स्वाभाविक रूप से ही गांव वाले काफ़ी ख़ुश दिखें और उन्होंने हिंदू संहति की सराहना की।

हिंदू संहति की ओर से असम में लव जिहाद के खिलाफ घर-घर घूमकर प्रचार

लव जिहाद में फंसकर हिंदू लड़कियों के घर छोड़नाऔर इस्लाम में धर्मांतरित होना कोई नई बात नहीं है। लिहाज़ा हिंदू संहति अपनी स्थापना के समय से ही इस लव जिहाद के ख़िलाफ़ लड़ रही है। उसी सिलसिले को कायम रखते हुए लव जिहाद के विरुद्ध लोगों में जागरूकता पैदा करने हेतु असम में घर-घर अभियान चलाया गया। हिंदू संहति की बराक घाटी ईकाई के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा  पिछले कुछ दिनों से लव जिहाद के ख़िलाफ़ असम के गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले में प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हिंदू संहति के कार्यकर्ता काछाड़ जिले के शिलचर शहर,मालुग्राम आदि स्थानों में हिंदुओं के घर-घर जाकर विज्ञप्ति पत्र (हैंडबिल) बांटकर प्रचार अभियान चला रहे हैं। अब तक हिंदू संहति के कार्यकर्ताओं ने 200 परिवारों से सम्पर्क स्थापित कर प्रचार चलाया है।इस संदर्भ  में हिंदू संहति के बराक घाटी प्रमुख सम्राट दत्त ने बताया कि-“हमारा लक्ष्य 1000 परिवारों से सम्पर्क कर प्रचार चलाना है । इसीलिए आनेवाले दिनों में भी हिंदू संहति का यह प्रचार अभियान जारी रहेगा “।

कोलकाता में विस्फोटक बरामदगी के मामले में बसिरहाट से गिरफ़्तार रविउल इस्लाम

विस्फोटक लदा वाहन(मेटाडोर) पकड़े जाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और संदिग्ध को ग़िरफ़्तार किया ।
आरोपी का नाम है रविउल इस्लाम। विस्फोटक बरामदगी के मामले में इसे लेकर कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई ‌।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक उत्तर 24 परगना जिलांतर्गत बसिरहाट के भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके से रविउल इस्लाम को गिरफ़्तार किया गया। पकड़े गए वाहन चालक व खलासी से पूछताछ करने पर जांचकर्ताओं को रविउल के बारे में पता चला।
पता चला कि रविउल ने ही विस्फोटक पदार्थ पोटैशियम नाइट्रेट लाने का काम सौंपा था‌।  जब्त किए गए 1000 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट के जखीरे को भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके में जमा किया जाना था।
पुलवामा की दर्दनाक यादें अब भी ताज़ा हैं। ये यादें धुंधली पड़ने से पहले ही घटित हुई कोलकाता में शुक्रवार को विस्फोटक से लदे वाहन के पकड़े जाने की घटना। कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने टाला ब्रिज के निकट विस्फोटक से लदे इस मेटाडोर को पकड़ा । उक्त वाहन के अंदर से 27 बैगों में रखा 1000 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट बरामद किया गया।गुप्त सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को एसटीएफ ने यह विशेष मुहिम चलाकर उक्त वाहन को पकड़ा और वाहन चालक व खलासी को गिरफ़्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से पता चला कि पश्चिम मिदनापुर से इस गिरोह को चलाया जा रहा था‌। ओडिशा के बालेश्वर से विस्फोटक का यह ज़ख़ीरा लाया जा रहा था। उत्तर 24 परगना के किसी एक स्थान पर इसे ले जाने की योजना थी। इसके बाद ही एसटीएफ ने बसिरहाट के सीमावर्ती इलाके से रविउल को गिरफ़्तार किया।

पश्चिम बंगाल निवासी जेएमबी आतंकवादी नज़ीर शेख़ त्रिपुरा में गिरफ़्तार

बीते 5 मार्च , मंगलवार को त्रिपुरा पुलिस ने अगरतला से नज़ीर शेख़ नामक जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ़्तार किया ।  25 वर्षीय शेख़ नज़ीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहनेवाला है। वह अगरतला में राजमिस्त्री का काम करता था।
पत्रकार सम्मेलन में त्रिपुरा के डीजीपी एके शुक्ला ने कहा कि नज़ीर 2013 के बोधगया
विस्फोट से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था। बोधगया विस्फोट के मुख्य आरोपी कौसर के सहयोगी के रूप में काम करता था नज़ीर। पुलिस के अनुसार 5 मार्च मंगलवार शाम को अनुसंधानकर्ताओं   और स्थानीय पुलिस के एक दल ने अगरतला के अरुंधति नगर से नज़ीर को गिरफ़्तार किया।
पुलिस को शक है कि आरोपी नज़ीर राजगीर के रूप में काम करने के साथ साथ जेएमबी के लिए भी काम करता था।

जिहादी हमले के शिकार तमलुक, पूर्व मिदनापुर के हिंदू… हिंदुओं के घरों व मंदिरों में मुस्लिमों द्वारा तोड़फोड़, आगजनी

पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिलांतर्गत तमलुक के श्रीराम गांव के हिंदुओं को भयानक जिहादी हमले का शिकार होना पड़ा। वहां मुस्लिमों ने हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। हिंदुओं के घरों में स्थित तुलसी मंच, मंदिरों के देवी-देवताओं की मूर्तियां बिना भेद-विचार किए तोड़ी गईं । स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि श्रीरामपुर गांव के निकटवर्ती  बाहिर खोप इलाका मुस्लिम बहुल है। इससे पहले सरस्वती पूजा के दौरान भी हिंदू-मुस्लिमों के बीच छोटे-मोटे विवाद हो चुके थें। इसके अतिरिक्त स्थानीय निवासियों ने बताया कि किसी भी घटना में वहां के मुसलमान राज-सत्ता को हथियार  बनाकर हिंदुओं को निशाना बनाते हैं।

इस बार भी अपवाद नहीं हुआ ‌।
घटना की शुरुआत 28 फरवरी को बाहिर खोप गांव के फारुख नामक एक मुस्लिम के लापता होने को लेकर हुई। उस दिन मुस्लिमों ने उक्त व्यक्ति के लापता होने में हिंदुओं के हाथ होने की अफ़वाह फैलाकर रास्ता रोककर विरोध प्रदर्शन किया। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती भी की गई थी। लेकिन दूसरे  दिन 1 मार्च को एक पोखर (तालाब) में फारुख की लाश मिली, जिसके बाद ही बाहिर खोप के मुस्लिमों ने हिंदुओं के गांव श्रीरामपुर पर हमला बोल दिया। मुसलमानों की उग्र भीड़ ने हिंदुओं के  एक के बाद एक मकानों में पेट्रोल डालकर आगजनी शुरू कर दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार पूर्व नियोजित ढंग से मुस्लिमों ने सब्बल,कुदाली से लैस होकर हिंदुओं पर हमले किए,एक के बाद एक मंदिरों में तोड़फोड़ की।इस घटना के चलते पूरे गांव के हिंदुओं में आतंक का माहौल है। दहशत की वजह से अनेक हिंदू परिवार गांव छोड़ चुके हैं।  गांव में पुलिस पिकेट स्थापित की गई है।

पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला न्यायाधीश बनीं सुमन कुमारी

suman kumariसुमन कुमारी मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला जज नियुक्त हुईं । वहां के मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ न्यायाधीश सुमन कुमारी सिंध प्रांत के कंबर-शहदादकोट की रहनेवाली हैं। वहीं की एक अदालत में न्यायाधीश का पदभार संभालेंगी सुमन । वर्तमान पाकिस्तान की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी तकरीबन 2 प्रतिशत है हालांकि  हिंदू धर्मावलंबी ही मुस्लिम बहुल पाकिस्तान का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है । लिहाज़ा मौजूदा हालात में इस घटना को काफ़ी अहम माना जा रहा है।
सुमन के पिता पवन कुमार बोदन पेशे से एक नेत्र-चिकित्सक हैं और गरीब गांववालों का मुफ़्त इलाज करते हैं। कम आय के बावजूद उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को उच्च शिक्षा दिलायी।उनकी बड़ी बेटी साफ़्टवेयर इंजीनियर ,दूसरी बेटी चार्टर्ड अकाउंटेंट और सुमन एक जज …। हैदराबाद (सिंध) से एल एल बी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सुमन ने कराची के शहीद ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो इंस्टिट्यूशन से स्नातकोत्तर किया। परिवार की मामूली आमदनी हो या रूढ़िवादी समाज-कुछ भी उनके उत्थान में बाधा न बना। बेटी की सफलता पर उनके पिता काफी ख़ुश नज़र आए। पाकिस्तानी मीडिया के सम्मुख अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि-” सुमन ने एक चुनौतीपूर्ण पेशे का चुनाव किया है। लेकिन मुझे दृढ़ विश्वास है कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी से वह ज़रूर अपने मुकाम तक पहुंचेगी।”
पाकिस्तान जैसे देश में जहां से आए दिन अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्मो-सितम की ख़बरें आती रहती हैं, वहां इस तरह की घटना वाक़ई अहमियत रखती है।
बहरहाल ऐसा नहीं है कि  पहली बार न्यायाधीश के पद पर किसी हिंदू की नियुक्ति हुई हो, इससे पहले 2005 से 2007 तक राणा भगवान दास ने पाकिस्तान के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला था।

भारत में नशीले पदार्थों का कारोबार कर रहे हैं रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठिये !

rohingyaम्यांमार से भागकर आए लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों ने बांग्लादेश में पनाह ली। मानवता का कारण दिखाकर बांग्लादेश सरकार ने उन्हें हर तरह की सहूलियतें मुहैया कराईं। लेकिन ये रोहिंग्या बांग्लादेश में आते ही नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या, चोरी आदि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने लगे। मुख्यतया उन्हीं के जरिए बांग्लादेश में  प्रतिबंधित नशीली दवा ‘इयोबा’ का कारोबार फलने फूलने लगा।
बहरहाल सीमा पर कड़ी निगरानी व चौकसी के बावजूद ये रोहिंग्या मुस्लिम बड़ी संख्या में भारत में घुसपैठ कर इस देश के विभिन्न प्रांतों में अवैध रूप से बसने लगे और यहां रहकर ये घुसपैठिये आजकल बांग्लादेश से नशीली दवा ‘इयोबा’ की तस्करी कर रहे हैं। लेकिन यह ‘इयोबा’ आख़िर है क्या चीज़ ? दरअसल यह एक प्रकार की नशीली दवा है जो कि गुलाबी गोलियों (टैबलेट) के रूप में मिलती है। मेथैम्फेटामाइन ( Methamphetamine) व  कैफेइन ( Caffeine ) के मिश्रण से यह नशीली दवा बनाई जाती है। हाल ही में बांग्लादेश में बड़ी मात्रा में इस दवा की गोलियां पकड़ी गईं। तस्करों की धर-पकड़ हुईं, जिनमें अधिकांश ये रोहिंग्या मुस्लिम ही निकले। बांग्लादेशी गुप्तचरों की पूछताछ से पता चला कि ये रोहिंग्या तस्कर भारत में बसे अपने बिरादरीवालों के जरिए इन गोलियों की भारत में तस्करी कर रहे हैं।  यदि  नशीली दवा की इस तस्करी को रोका न जाए तो इसके नकारात्मक प्रभाव भारत के युवा वर्ग पर पड़ना तय है, संबंधित लोगों का ऐसा ही मानना है।

दो से अधिक बच्चे पैदा करने पर मताधिकार छीन लेना चाहिए: योगगुरु बाबा रामदेव

ramdevयोगगुरु बाबा रामदेव ने इससे पहले भी एक बार जन्म नियंत्रण के लिए क़ानून लाए जाने की बात कही थी। लेकिन इस बार उन्होंने कड़ा रुख़ अख़्तियार कर लिया। जन्म नियंत्रण पर बाबा रामदेव की सलाह यह है कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने वालों से छीन लिया जाना चाहिए वोट देने का अधिकार। किसी भी चुनाव में उम्मीदवार होने का अधिकार भी ऐसे व्यक्तियों को न मिले। बीते 24 जनवरी को अलीगढ़ के एक कार्यक्रम में उन्होंने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस देश में जन्म नियंत्रण हेतु चाहे हिंदू हो या मुस्लिम दो से अधिक बच्चे होने पर उक्त दम्पति के सभी प्रकार की सुविधाएं छीन लेनी होंगी। सिर्फ़ मताधिकार ही नहीं बल्कि सभी सहूलियतें मसलन शिक्षा, सरकारी नौकरी, इलाज़ आदि से जुड़ी सभी सुविधाएं भी छीन लेनी होंगी। इससे पहले उन्होंने कहा था कि उनके जैसे लोग जिन्होंने शादी ही नहीं की उन्हें विशेष सम्मान मिलना चाहिए। दूसरी ओर उन्होंने दो से अधिक बच्चे पैदा करनेवाले दम्पतियों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की बात कही थी। इस बार उन्होंने  उन दम्पतियों की शिक्षा, चिकित्सा व सरकारी नौकरी से जुड़ी सुविधाएं भी छीन लिए जाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि ऐसा करने से ही जनसंख्या नियंत्रित होगी।

हावड़ा जिले के आमता में असहाय-अभागों के बीच कंबल वितरण

बीते 12 जनवरी को वीर हिंदू सन्यासी स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर हिंदू संहति की ओर से स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही असहाय-अभागों के बीच  कंबल वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हावड़ा जिले के आमता थानांतर्गत दक्षिण हरिशपुर गांव में किया गया था। हिंदू संहति के अध्यक्ष श्री देबतनु भट्टाचार्य ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके बाद हरिशपुर तथा आसपास के गांवों के 200 दरिद्र वृद्धों व महिलाओं को कंबल बांटे गए।  कार्यक्रम के आयोजन में कोलकाता के मैग्नम (Magnum) परिवार ने हिंदू संहति को सहयोग दिया।

इस कार्यक्रम में श्री देबतनु भट्टाचार्य जी के अतिरिक्त हिंदू संहति के मुख्य सचिव श्री सुंदर गोपाल दास,सहायक सचिव श्री मुकुंद कोले, सलाहकार श्री चित्तरंजन डे तथा कोलकाता के मैग्नम परिवार की ओर से श्रीमती मीना अगरवाल,श्री संजीव टांटिया व श्री वीरेन्द्र मोदी प्रमुख गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।