हिंदू संहति की ओर से हावड़ा के काली मंदिर को लाउडस्पीकर का दान

हावड़ा जिले के बागनान थानांतर्गत मुर्गाबेड़िया गांव स्थित काली मंदिर को एक बहुत ही जाग्रत मंदिर माना जाता है। वहां के स्थानीय गांववासियों ने उक्त मंदिर में पूजा-अर्चना के सुविधार्थ हिंदू संहति के स्थानीय कार्यकर्ताओं से एक लाउडस्पीकर सेट मुहैया कराने का निवेदन किया था।

लिहाज़ा हिंदू संहति की ओर से उक्त मंदिर को एक लाउडस्पीकर सेट भेंट किया गया। उस वक़्त मंदिर प्रांगण में गांव वाले उपस्थित थे। स्थानीय गांववालों के अतिरिक्त हिंदू संहति की ओर से संस्था के सहायक सचिव श्री मुकुंद कोले तथा बागनान थाना इलाके के प्रमुख कार्यकर्ता भी उक्त कार्यक्रम में उपस्थित थे।इस कार्यक्रम में तपन देशप्रेमी नामक एक सदय समर्थक ने काफी सहयोग दिया ‌।
लाउडस्पीकर सेट मिलने पर स्वाभाविक रूप से ही गांव वाले काफ़ी ख़ुश दिखें और उन्होंने हिंदू संहति की सराहना की।

हिंदू संहति की ओर से असम में लव जिहाद के खिलाफ घर-घर घूमकर प्रचार

लव जिहाद में फंसकर हिंदू लड़कियों के घर छोड़नाऔर इस्लाम में धर्मांतरित होना कोई नई बात नहीं है। लिहाज़ा हिंदू संहति अपनी स्थापना के समय से ही इस लव जिहाद के ख़िलाफ़ लड़ रही है। उसी सिलसिले को कायम रखते हुए लव जिहाद के विरुद्ध लोगों में जागरूकता पैदा करने हेतु असम में घर-घर अभियान चलाया गया। हिंदू संहति की बराक घाटी ईकाई के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा  पिछले कुछ दिनों से लव जिहाद के ख़िलाफ़ असम के गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले में प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हिंदू संहति के कार्यकर्ता काछाड़ जिले के शिलचर शहर,मालुग्राम आदि स्थानों में हिंदुओं के घर-घर जाकर विज्ञप्ति पत्र (हैंडबिल) बांटकर प्रचार अभियान चला रहे हैं। अब तक हिंदू संहति के कार्यकर्ताओं ने 200 परिवारों से सम्पर्क स्थापित कर प्रचार चलाया है।इस संदर्भ  में हिंदू संहति के बराक घाटी प्रमुख सम्राट दत्त ने बताया कि-“हमारा लक्ष्य 1000 परिवारों से सम्पर्क कर प्रचार चलाना है । इसीलिए आनेवाले दिनों में भी हिंदू संहति का यह प्रचार अभियान जारी रहेगा “।

कोलकाता में विस्फोटक बरामदगी के मामले में बसिरहाट से गिरफ़्तार रविउल इस्लाम

विस्फोटक लदा वाहन(मेटाडोर) पकड़े जाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और संदिग्ध को ग़िरफ़्तार किया ।
आरोपी का नाम है रविउल इस्लाम। विस्फोटक बरामदगी के मामले में इसे लेकर कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई ‌।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक उत्तर 24 परगना जिलांतर्गत बसिरहाट के भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके से रविउल इस्लाम को गिरफ़्तार किया गया। पकड़े गए वाहन चालक व खलासी से पूछताछ करने पर जांचकर्ताओं को रविउल के बारे में पता चला।
पता चला कि रविउल ने ही विस्फोटक पदार्थ पोटैशियम नाइट्रेट लाने का काम सौंपा था‌।  जब्त किए गए 1000 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट के जखीरे को भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके में जमा किया जाना था।
पुलवामा की दर्दनाक यादें अब भी ताज़ा हैं। ये यादें धुंधली पड़ने से पहले ही घटित हुई कोलकाता में शुक्रवार को विस्फोटक से लदे वाहन के पकड़े जाने की घटना। कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने टाला ब्रिज के निकट विस्फोटक से लदे इस मेटाडोर को पकड़ा । उक्त वाहन के अंदर से 27 बैगों में रखा 1000 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट बरामद किया गया।गुप्त सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को एसटीएफ ने यह विशेष मुहिम चलाकर उक्त वाहन को पकड़ा और वाहन चालक व खलासी को गिरफ़्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से पता चला कि पश्चिम मिदनापुर से इस गिरोह को चलाया जा रहा था‌। ओडिशा के बालेश्वर से विस्फोटक का यह ज़ख़ीरा लाया जा रहा था। उत्तर 24 परगना के किसी एक स्थान पर इसे ले जाने की योजना थी। इसके बाद ही एसटीएफ ने बसिरहाट के सीमावर्ती इलाके से रविउल को गिरफ़्तार किया।

पश्चिम बंगाल निवासी जेएमबी आतंकवादी नज़ीर शेख़ त्रिपुरा में गिरफ़्तार

बीते 5 मार्च , मंगलवार को त्रिपुरा पुलिस ने अगरतला से नज़ीर शेख़ नामक जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ़्तार किया ।  25 वर्षीय शेख़ नज़ीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहनेवाला है। वह अगरतला में राजमिस्त्री का काम करता था।
पत्रकार सम्मेलन में त्रिपुरा के डीजीपी एके शुक्ला ने कहा कि नज़ीर 2013 के बोधगया
विस्फोट से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था। बोधगया विस्फोट के मुख्य आरोपी कौसर के सहयोगी के रूप में काम करता था नज़ीर। पुलिस के अनुसार 5 मार्च मंगलवार शाम को अनुसंधानकर्ताओं   और स्थानीय पुलिस के एक दल ने अगरतला के अरुंधति नगर से नज़ीर को गिरफ़्तार किया।
पुलिस को शक है कि आरोपी नज़ीर राजगीर के रूप में काम करने के साथ साथ जेएमबी के लिए भी काम करता था।

जिहादी हमले के शिकार तमलुक, पूर्व मिदनापुर के हिंदू… हिंदुओं के घरों व मंदिरों में मुस्लिमों द्वारा तोड़फोड़, आगजनी

पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिलांतर्गत तमलुक के श्रीराम गांव के हिंदुओं को भयानक जिहादी हमले का शिकार होना पड़ा। वहां मुस्लिमों ने हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। हिंदुओं के घरों में स्थित तुलसी मंच, मंदिरों के देवी-देवताओं की मूर्तियां बिना भेद-विचार किए तोड़ी गईं । स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि श्रीरामपुर गांव के निकटवर्ती  बाहिर खोप इलाका मुस्लिम बहुल है। इससे पहले सरस्वती पूजा के दौरान भी हिंदू-मुस्लिमों के बीच छोटे-मोटे विवाद हो चुके थें। इसके अतिरिक्त स्थानीय निवासियों ने बताया कि किसी भी घटना में वहां के मुसलमान राज-सत्ता को हथियार  बनाकर हिंदुओं को निशाना बनाते हैं।

इस बार भी अपवाद नहीं हुआ ‌।
घटना की शुरुआत 28 फरवरी को बाहिर खोप गांव के फारुख नामक एक मुस्लिम के लापता होने को लेकर हुई। उस दिन मुस्लिमों ने उक्त व्यक्ति के लापता होने में हिंदुओं के हाथ होने की अफ़वाह फैलाकर रास्ता रोककर विरोध प्रदर्शन किया। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती भी की गई थी। लेकिन दूसरे  दिन 1 मार्च को एक पोखर (तालाब) में फारुख की लाश मिली, जिसके बाद ही बाहिर खोप के मुस्लिमों ने हिंदुओं के गांव श्रीरामपुर पर हमला बोल दिया। मुसलमानों की उग्र भीड़ ने हिंदुओं के  एक के बाद एक मकानों में पेट्रोल डालकर आगजनी शुरू कर दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार पूर्व नियोजित ढंग से मुस्लिमों ने सब्बल,कुदाली से लैस होकर हिंदुओं पर हमले किए,एक के बाद एक मंदिरों में तोड़फोड़ की।इस घटना के चलते पूरे गांव के हिंदुओं में आतंक का माहौल है। दहशत की वजह से अनेक हिंदू परिवार गांव छोड़ चुके हैं।  गांव में पुलिस पिकेट स्थापित की गई है।